BHUPENDRA KUMAR GOYAL
(MPPCS 2005)

 
 
 

 
 

आपकी सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

 

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

सिविल सेवा परीक्षा में आपकी सफलता का रहस्य क्या है?

 

सतत प्रयास, असफलताओं से सबक लेते हुए निरन्तर सुधार, धैर्य एवं उचित मार्गदर्शन मेरी सफलता का रहस्य हैं।

 

इस परीक्षा की गहन तैयारी के लिए आपके विचार में कितने समय की आवश्यकता है?

 

यह प्रतियोगी की शैक्षिक पृष्ठभूमि मानसिक क्षमता, कठोर परिश्रम की आदत इत्यादि मानदण्डों पर निर्भर करता हैं। प्रायः अच्छे अभ्यर्थी हेतु १ वर्ष गहन अध्ययन पर्याप्त हैं।

  साक्षात्कार बोर्ड के बारे में आपके क्या विचार है?  

साक्षात्कार बोर्ड का रवैया सदैव सकारात्मक होता हैं। वे सामान्य चर्चा के आधार पर व्यक्तित्व का परीक्षण करते हैं। साक्षात्कार बोर्ड के सम्बन्ध में भय या दबाव जैसी बातें मात्र भ्रान्तियॉं है।

 

भावी अभ्यर्थियों के लिए आप क्या सलाह वह संदेश देना चाहेंगे?

 

वे अच्छी व गुणवत्ता युक्त पुस्तकों का अध्ययन करें, उचित मार्गदर्शन प्राप्त करते रहें और निरन्तर स्वमूल्यांकन करें।

 

सिविल सेवाओं को अपना कैरिअर बनाने की प्रेरणा आपको कहॉं से मिली? क्या आपको जीवन की कोई उल्लेखनीय घटना याद है, जिसने सिविल सेवा को कैरिअर के रूप में अपनाने के लिए आपको प्रेरित किया हो?

 

मैं अपने एकेडमिक अध्ययन के दौरान कई प्रशासकों से सम्पर्क में आया जिससे मुझे महसूस हुआ कि सिविल सेवा का क्षेत्र न केवल अपनी योग्यता को प्रदर्शित करने का उचित रंगमंच प्रदान करता है बल्कि समाज के लिए भी उल्लेखनीय भूमिका अदा कर सकता है।

 

आपके परिजनों व मित्रों से आपकी इस सफलता में किस प्रकार से सहायता की?

 

परिजनों व मित्रों के द्वारा निरन्तर प्रोत्साहन, सहयोग व विश्वास बनायें रखने में सहायता की।

  यदि आपका चयन सिविल सेवाओं के लिए नहीं हो पाता तो इसके विकल्प के रूप में आप किस क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बनाना पसन्द करते?  

चूंकि मैंने लोक प्रशासन विषय से UGC-JRF-NET परीक्षा में अर्हता प्राप्त की है अतः स्वभाविकतः मैं विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में अध्यापन के कार्य को अपना कार्य क्षेत्र चुनता।

 

आप इस सफलता को किस रूप में देखते हैं?

 

निश्चित रूप से यह मेरी एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हैं। ईश्वर का यह एक आर्शीवाद हैं जो राष्ट्र व समाज के विकास के लिए मुझे एक अभिकर्त्ता के रूप में अवसर दिया।

 

सिविल सेवा परीक्षा में आपके ऐच्छिक विषय क्या थे तथा इनके चयन का आपका मापदंड क्या था?

 

लोक प्रशासन व मानव विज्ञान मेरे ऐच्छिक विषय थे। म.प्र. प्रशासन में इस विषय के ज्ञान की उपयोगिता, पाठ्यक्रम का छोटा होना व चयन की अधिक सम्भावना होने के कारण इन विषयों को चुना।

 

क्या चयन हेतु वर्तमान परीक्षा प्रणाली उपयुक्त है? इसमें सुधार के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे?

 

वर्तमान परीक्षा प्रणाली अच्छी है किन्तु सर्वश्रेष्ठ नहीं है। परीक्षा प्रणाली अधिक वैज्ञानिक,ᅠवस्तुनिष्ठ एवं पारदर्शी होनी चाहिए।

 

क्या आप सोचते हैं कि सिविल सेवा परीक्षाओं में बैठने के अवसरों की संख्या पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए?

 

मेरे दृष्टिकोण में यह प्रतिबन्ध उचित है ताकि गम्भीर अभ्यर्थी ही इस परीक्षा में बैठ सकें।

 

अपना परीक्षा परिणाम जानने से पूर्व टॉपर्स के बारे में आपके क्या विचार थे ? क्या आप अपनी सफलता के प्रति आश्वस्त थे?

 

टापर्स के बारे में मेरी यह धारणा थी कि वे अच्छी शैक्षणिक पृष्ठभूमि व अत्यधिक बौद्धिक स्तर के व्यक्ति होते होंगे, मैं अपनी सफलता के प्रति पूर्ण आश्वस्त था।

 

आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे?

 

मैं अपनी सफलता का श्रेय स्व. माता व पिता, पूज्य गुरुदेव बापू व अपने मित्रों जयन्त गुप्ता, सन्दीप सोनी, सन्दीप परिहार को देना चाहूंगा।

 

आपने कितने प्रयासों में यह सफलता अर्जित की? आपकी सेवा प्राथमिकताएं क्या थी?

 

मेरा यह द्वितीय प्रयास था। उपाजिलाधीश, वाणिज्यकर अधिकारी, टेजरी-ऑफीसर व वाणिज्यकर निरीक्षक मेरी सेवाओं का प्राथमिकता क्रम था।

 

परीक्षा की तैयारी व परीक्षा भवन में समय प्रबन्धन के लिए आपकी क्या नीति रही?

 

मैंने घर पर गहन अध्ययन के साथ समयबद्ध होकर पूर्व प्रश्न-पत्रों के हल करने का निरन्तर अभ्यास किया। परीक्षा भवन में निर्धारित समय-सीमा में प्रश्नों को हल करने का प्रयत्न किया।

 

प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार की तैयारी के लिए आपकी क्या योजना रही है?

 

प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी मैंने परीक्षा से २-३ माह पूर्व करनी प्रारम्भ कर दी। इस हेतु तथ्यात्मक जानकारी एवं समय-सीमा पर मॉडल टेस्ट पेपर्स हल करने पर विशेष बल दिया। साथ ही इस हेतु सम्बन्धित विषय की मानक पुस्तकों का अध्ययन किया व बिन्दुवार स्वयं के नोट्स बनाये। मित्रों के साथ प्रतिदिन सम्बन्धित मुद्दों पर गहन चर्चांयें की।ᅠ
मुख्य परीक्षा की तैयारी प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी से पूर्व ही प्रारम्भ की दी। प्रारम्भिक परीक्षा के पश्चात् मैंने पिछले प्रश्न-पत्रों को फार्मेट बनाकर हल करने का प्रयत्न किया। साथ ही, प्रश्नों के उत्तरों के प्रस्तुतीकरण पर मित्रों से चर्चा की।
साक्षात्कार की तैयारी हेतु मैंने अपने मित्रों के साथ छद्म साक्षात्कार दियें और महत्वपूर्ण एवं समसामयिक मुद्दों पर मित्रों से चर्चांये की। अपने क्षेत्र के सन्दर्भ में विशेष जानकारी जुटायी।

 

आपके विचार में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में न्यूनतम कितना समय चाहिए तथा तैयारी किस स्तर से प्रारम्भ करनी चाहिए?

 

इस परीक्षा हेतु न्यूनतम १ वर्ष का गहन अध्ययन व कठोर परिश्रम आवश्यक है। परीक्षा की तैयारी स्नातक के दौरान ही प्रारम्भ कर देनी चाहिए।

 

सिविल सेवा परीक्षाओं में माध्यम का क्या महत्व है?

 

पर्याप्त व गुणवत्ता युक्त सामग्री की उपलब्धता में अंग्रेजी माध्यम का अधिक महत्व है।

 

सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग के आरोपण के सन्दर्भ में आपके क्या विचार है ? क्या इसने नियमित प्रश्न अभ्यास का महत्व बढ़ा दिया है?

 

नेगेटिव मार्किंग की प्रणाली से केवल वही प्रतियोगी सफल होते हैं जो अपेक्षित योग्यता रखते हैं।

 

इस परीक्षा की तैयारी के दौरान आपकी सबसे बड़ी भूल क्या थी?

 

उचित रणनीति व मार्गदर्शन के बिना ही अध्ययन कार्य करना।

 

कृपया उस पाठ्य सामग्री का सूचीबद्ध करे जिसका प्रयोग आपने इस परीक्षा की तैयारी के दौरान किया?

 
सामान्य अध्ययन हेतु- स्पेक्ट्रम, डी.डी. बसु, प्रतियोगिता दर्पण के अतिरिक्तांक, मासिक पत्रिका तथा महीवीर प्रकाशन की म.प्र. की पुस्तक इत्यादि।
लोक प्रशासन- टी.एम.एच., प्रसाद एवं प्रसाद, शर्मा एवं सड़ाना, रजनीगोपाल इत्यादि।
मानव विज्ञान- नदीम हसनैन, गुप्ता एवं शर्मा, झा एवं बसवाल, हिन्दी ग्रन्थ अकादमी की पुस्तकें।
 

आपके विचार में सिविल परीक्षाओं के लिए रणनीतिक तौर पर नियमित स्वमूल्यांकन का क्या महत्व है?

 

नियमित स्वमूल्यांकन सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का आधार स्तम्भ है।

 

सिविल सेवा परीक्षाओं के स्वमूल्यांकन व संवाद के प्लेटफार्म के रूप में www.nceiindia.com को आप किस रूप में देखते हैं?

 

यह एक अच्छा प्लेटफार्म है जो कि कमियों को दूर करने एवं समसामयिकी की सामग्री को जुटाकर सिविल सेवा में सफलता को सुनिश्चित कर सकता हैं।

 

www.nceiindia.com की अवधारणा के विषय में आपके क्या विचार है?

 

यह भारत में विशेषकर सिविल सेवा के क्षेत्र में नवीन अवधारणा हैं। ऐसी अवधारणाओं को निरन्तर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

 

हिन्दी माध्यम में ऑनलाइन मूल्यांकन सुविधा की उपलब्धता का इस परीक्षा के प्रतियोगियों के लिए क्या महत्व है?

 

यह हिन्दी माध्यम के प्रतियोगियों को विशेषकर UPSC की सिविल सेवा में चयन के अधिक अवसर उपलब्ध करा सकते हैं।

 

www.nceiindia.com को प्रतियोगियो के लिए अधिक उपयोगी बनाने के लिए अपने सुझाव दें।

 

इस बेबसाइट की जानकारी अधिकाधिक प्रतियोगियों तक पहुंचाने की व्यवस्था हों, साथ ही समसामायिक जानकारी उपलब्ध करायी जायें।

 

धन्यवाद सफल व प्रतिष्ठापूर्ण जीवन के लिए हमारी शुभकामनाएं।

 

धन्यवाद

 
नाम भूपेन्द्र कुमार गोयल
पिता का नाम स्व. श्री माँगीलाल गोयल
माता का नाम स्व. श्रीमती सरस्वती देवी गोयल
जन्म तिथि 03.03.1975
शैक्षिक योग्यताएं B.Sc.    गणित-प्रथम श्रेणी, उत्तीर्ण
M.A.     लोक प्रशासन-द्वितीय श्रेणी, उत्तीर्ण
M.Phil.  लोक प्रशासन-प्रथम श्रेणी, उत्तीर्ण
Ph.D.-  शोधरत् एवं UGC NET-JRF लोक प्रशासन, उत्तीर्ण
पूर्व चयन UGC NET में दो बार चयन
  UGC -JRF लोक प्रशासन
पुरस्कार-मेडल-छात्रवृत्ति यदि हो नहीं
सवल पक्ष धैर्य रखना, अनुशासित जीवनचर्या का होना
निर्वल पक्ष कभी-कभी भावुक होना व दूसरों पर विश्वास जल्दी करना
अभिरुचियां पढ़ाना, डायरी लेखन
   
 

 

 

 

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