NARENDRA PAL RANA
(UPPCS 2004)

 
 
 

 
 

 
 

आपकी सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

 

जी बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

सिविल सेवा परीक्षा में आपकी सफलता का रहस्य क्या है?

 

धैर्य न खोना, विपरीत परिस्थितियों में आशावादी मानसिकता बनाये रखना तथा बेहतर रणनीति के साथ निरन्तर परिश्रम करना ही मेरी सफलता का रहस्य है।

 

इस परीक्षा की गहन तैयारी के लिए आपके विचार में कितने समय की आवश्यकता है?

 

उचित दिशा में १२-१५ माह का समय पर्याप्त है।

 

साक्षात्कार बोर्ड के बारे में आपके क्या विचार है?

 

साक्षात्कार बोर्ड का रवैया सामान्यतः सहयोगपूर्ण ही रहता है। मेरा साक्षात्कार श्री ए.के. चतुर्वेदी के बोर्ड में था। मैं बिल्कुल शान्त बना रहा। बीच-बीच में उन्होंने मेरा उत्साहवर्धन भी किया।

 

भावी अभ्यर्थियों के लिए आप क्या सलाह वह संदेश देना चाहेंगे?

 

सही रणनीति बनायें एवं उस पर अमल करे। मुख्य परीक्षा की तैयारी प्रारम्भिक परीक्षा से पूर्ण कर ले। कठिन परिश्रम करें व किसी के बहकावे में न आये।

 

सिविल सेवाओं को अपना कैरिअर बनाने की प्रेरणा आपको कहॉं से मिली? क्या आपको जीवन की कोई उल्लेखनीय घटना याद है, जिसने सिविल सेवा को कैरिअर के रूप में अपनाने के लिए आपको प्रेरित किया हो?

 

सिविल सेवा ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा समाज के बड़े वर्ग को प्रभावित किया जा सकता है। इसी ने मुझे सिविल सेवा को कैरियर में चुनने हेतु प्रेरित किया।

 

आपके परिजनों व मित्रों से आपकी इस सफलता में किस प्रकार से सहायता की?

 

परिजनों व मित्रों के सहयोग के बिना यह सफलता सम्भव नहीं थी। सभी ने मुझे प्रेरित किया।

 

यदि आपका चयन सिविल सेवाओं के लिए नहीं हो पाता तो इसके विकल्प के रूप में आप किस क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बनाना पसन्द करते?

 

चूंकि मैं पूर्व में निजी क्षेत्र मे कार्यरत था। अतः मैं असफलता की दशा में वापस चला जाता परन्तु मैं अपनी सफलता के प्रति पूर्ण आश्वस्त्त था।

 

आप इस सफलता को किस रूप में देखते हैं?

 

निश्चित रुप से यह मेरी एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हैं। निश्चित रुप से का यह एक आर्शीवाद हैं जो राष्ट्र व समाज के विकास के लिए मुझे एक अभिकर्त्ता के रूप में अवसर दिया।

 

सिविल सेवा परीक्षा में आपके ऐच्छिक विषय क्या थे तथा इनके चयन का आपका मापदंड क्या था?

 

प्रारम्भिक परीक्षा में-भूगोल, मुख्य परीक्षा-भूगोल तथा मानवशास्त्र। मेरी विज्ञान की पृष्ठभूमि तथा विषय अभिरुचि को मैंने विषय चयन का आधार बनाया।

 

क्या चयन हेतु वर्तमान परीक्षा प्रणाली उपयुक्त है? इसमें सुधार के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे?

 

परीक्षा प्रणाली पूर्णतः उपयुक्त है। चयन में लगने वाले समय को और कम किया जा सकता है।

 

क्या आप सोचते हैं कि सिविल सेवा परीक्षाओं में बैठने के अवसरों की संख्या पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए?

 

ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिये कुछ अधिक अवसर दिये जाने चाहिए। अवसर की संख्या नियत, करना पूर्णतः उचित है।

 

अपना परीक्षा परिणाम जानने से पूर्व टॉपर्स के बारे में आपके क्या विचार थे ? क्या आप अपनी सफलता के प्रति आश्वस्त थे?

 

मेरा यह मानना है कि Toppers never do different things, they do things differently परिणाम यह बताते हैं कि अकादमिक रूप से मध्यम श्रेणी के छात्रों ने भी टॉपर्स में स्थान बनाया है। अपनी सफलता के प्रति में पूर्ण आश्वस्त्त था।

 

आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे?

 

ईश्वर की असीम अनुकम्पा, परिजनों एवं मित्रों की शुभकामनाएं सतत् सहयोग, प्रोत्साहन एवं मेरा कठिन परिश्रम।

 

आपने कितने प्रयासों में यह सफलता अर्जित की? आपकी सेवा प्राथमिकताएं क्या थी?

 

यह मेरा दूसरा प्रयास था। प्रथम प्रयास में मैं श्रम प्रवर्तन अधिकारी के रूप में चयनित हो चुका हूँ। मेरी पहली वरीयता डिप्टी कलेक्टर तथा दूसरी वरीयता सहायक आयुक्त व्यापार कर थी।

 

परीक्षा की तैयारी व परीक्षा भवन में समय प्रबन्धन के लिए आपकी क्या नीति रही?

 

तैयारी के दौरान सम्पूर्ण पाठ्‌यक्रम को टॉपिक में विभाजित कर टॉपिक को नियत समय में पूरा करने का प्रयास करता था। अतः समय प्रबन्धन के साथ विषय प्रबन्धन पर भी ध्यान दिया। परीक्षा हाल में प्रश्न पत्र को अच्छे से पढ़कर प्रश्नवार समय विभाजित कर प्रश्न हल करता था। अन्तिम ५-१० मिनट में उत्तर पुस्तिका को एक बार अवशय पढता था। इससे बहुत लाभ मिला।

 

प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार की तैयारी के लिए आपकी क्या योजना रही है?

 

प्रारम्भिक परीक्षा- इसके लिये विस्तृत अध्ययन किया। मूल एवं प्रमाणिक पुस्तकों का अध्ययन किया। घर पर ही माक टेस्ट किये। इससे प्रश्न हल करने की गति अच्छी हो गई।ᅠ
मुख्य परीक्षा- टॉपिक सलेक्ट कर उस पर नोट्स बनाये एवं उत्तर लेखन अभ्यास किया ऐच्छिक विषय पाठ्यक्रम का लगभग ६० प्रतिशत हिस्सा गहनता के साथ तथा शेष पाठ्यक्रम को सामान्यतः तैयार किया।ᅠ
साक्षात्कार- यह व्यक्तित्व का परीक्षण है व्यक्तित्व एक माह या कुछ दिनों में नहीं बदला जा सकता। अतः कोई विशेष तैयारी नहीं की। हॉं कुछ समसामायिक विषयों पर अपना दृष्टिकोण विकसित किया।

 

आपके विचार में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में न्यूनतम कितना समय चाहिए तथा तैयारी किस स्तर से प्रारम्भ करनी चाहिए?

 

स्नातक स्तर से इसकी तैयारी प्रारम्भ कर देनी चाहिए। वैसे १२-१५ माह का गहन अध्ययन उचित है।

 

सिविल सेवा परीक्षाओं में माध्यम का क्या महत्व है?

 

चयन में माध्यम का कोई विशेष महत्व नहीं है। अभिव्यक्ति का अधिक महत्व है।

 

सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग के आरोपण के सन्दर्भ में आपके क्या विचार है ? क्या इसने नियमित प्रश्न अभ्यास का महत्व बढ़ा दिया है?

 

गम्भीर अभ्यर्थियों पर निगेटिव मार्किंग का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब यह चयन परीक्षा और भी प्रतियोगी हो गई है। इसके प्रभाव से बचने हेतु स्तरीय पुस्तकें ही पढें एवं परीक्षा भवन में शान्त व संयमित बने रहें एवं नियमित अभ्यास करते रहे। nceiindia.com इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है।

 

इस परीक्षा की तैयारी के दौरान आपकी सबसे बड़ी भूल क्या थी?

 

ऐसा कुछ नहीं लगता हॉं हमेशा यह अवश्य लगता रहा कि तैयारी पूर्ण नहीं है।

 

कृपया उस पाठ्य सामग्री का सूचीबद्ध करे जिसका प्रयोग आपने इस परीक्षा की तैयारी के दौरान किया?

 
सामान्य अध्ययन- १. NCERT की भूगोल एवं इतिहास की पुस्तकें XI व XII २. यूनीक गाईड, ३. क्लास नोट्‌स, ४. क्रॉनिकल व सिविल सर्विसेज टाईम्स पत्रिकाएं, ५. समाचार पत्रों में अमर उजाला, जागरण, टाईम्स ऑफ इण्डिया।
ऐच्छिक विषय- भूगोल-१. एन्सेम्बल की अध्ययन सामग्री,      
२. भौतिक भूगोल-सविन्द्र सिंह, ३. स्पेक्ट्म की भूगोल,
४. भारत का भूगोल-खुल्लर, ५. भौगोलिक चिन्तन-माजिद हुसैन,   ६. कुछ विषयों पर स्वयं के तैयार नोट्स।
मानव शास्त्र- १. मानव शास्त्र-एम्बर एण्ड एम्वर।
२. डा.एम.पी. श्रीवास्तव के क्लास नोट्‌स।
३. मानव विज्ञान पर पीयूष प्रकाशन की पुस्तकें।
४. जनजातियॉं अतीत के झरोखे से-आर. सी. वर्मा।
५. इण्टरनेट से अध्ययन सामग्री।
 

आपके विचार में सिविल परीक्षाओं के लिए रणनीतिक तौर पर नियमित स्वमूल्यांकन का क्या महत्व है?

 

अपनी त्रुटियों को स्वयं से बेहतर कोई नहीं जान सकता। नियमित स्वमूल्यांकन द्वारा इनको दूर किया जा सकता है। nceiindia.com स्वमूल्यांकन हेतु एक अच्छा प्लेटफार्म है।

 

सिविल सेवा परीक्षाओं के स्वमूल्यांकन व संवाद के प्लेटफार्म के रूप में www.nceiindia.com को आप किस रूप में देखते हैं?

 

आज के संचार युग में nceiindia.com ने प्रतियोगी छात्रों को अच्छा मंच उपलब्ध कराया है। यह एक सराहनीय प्रयास है।

 

www.nceiindia.com की अवधारणा के विषय में आपके क्या विचार है?

 

जिन उद्देश्यों को लेकर nceiindia.com को स्थापित किया गया था यह उन उद्देश्यों को शत-प्रतिशत पूरा करती है।

 

हिन्दी माध्यम में ऑनलाइन मूल्यांकन सुविधा की उपलब्धता का इस परीक्षा के प्रतियोगियों के लिए क्या महत्व है?

 

ऑनलाईन मूल्यांकन की कोई व्यवस्था न होने के कारण छात्र अपना मूल्यांकन त्वरित गति से नहीं कर पाते थे। nceiindia.com ने इस कमी को दूर कर दिया है।

 

www.nceiindia.com को प्रतियोगियो के लिए अधिक उपयोगी बनाने के लिए अपने सुझाव दें।

 

General discussion सेक्सन के अलावा Expert discussion का सेक्सन Chatting के रूप में होना चाहिए।

 

धन्यवाद सफल व प्रतिष्ठापूर्ण जीवन के लिए हमारी शुभकामनाएं।

 

जी, बहुत-बहुत धन्यवाद।

 
नाम नरेन्द्र पाल राणा
पिता का नाम स्व. श्री मलखान सिंह राणा
माता का नाम श्रीमती जगवीरी देवी
जन्म तिथि 15-07-1974
शैक्षिक योग्यताएं १. एम. एस. सी. भौतिकी, मेरठ विश्वविद्यालय मेरठ प्रथम स्थान कॉलेज, पॉंचवा स्थान-विश्वविद्यालय
२. एसोसिऐटशिप ऑफ एन. एस. आई. इन शुगर टेक्नोलॉजी पॉंचवा स्थान
३. एल. एल. बी. सी. सी. एस. यूनिवर्सिटी प्रथम श्रेणी
पूर्व चयन १. चीनी उद्योग में सहायक प्रबन्धक उत्पादन के पद पर
२. उ.प्र. लोअर सबोर्डिनेट परीक्षा २००३ में श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद पर वर्तमान में कार्यरत।
३. राजस्थान को-ओपरेटिव बैंक में प्रबन्धक के पद पर।
पुरस्कार-मेडल-छात्रवृत्ति यदि हो विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरस्कार
सवल पक्ष कठिन परिस्थितियों में साहस न खोना
निर्वल पक्ष भावुकता, किसी पर जल्दी ही विश्वास कर लेना
अभिरुचियां क्रिकेट खेलना, टी.वी. देखना
 
 

 

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