NIDHI SINGH RAJPUT
(MPPSC - Dy. Collector)

 
 
 

 
 
 
 
 

आपकी सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

 

जी धन्यवाद।

 

सिविल सेवा परीक्षा में आपकी सफलता का रहस्य क्या है ?

 

ईश्वर पर विश्वास, आशावादी दृद्गिटकोण, सुनियोजित रणनीति, कठोर परिश्रम, विश्लेषणात्मक अध्ययन।

 

इस परीक्षा की गहन तैयारी के लिए आपके विचार में कितने समय की आवश्यकता है ?

 

एक वर्ष का समय पर्याप्त है।

 

साक्षात्कार बोर्ड के बारे में आपके क्या विचार है ?

 

साक्षात्कार बोर्ड का रूख काफी सहयोगी रहा। अभ्यर्थी के व्यक्तित्व के सभी पहलुओं को सहयोगी वातावरण में जानने का प्रयास करते हैं।

 

भावी अभ्यर्थियों के लिए आप क्या सलाह वह संदेश देना चाहेंगे ?

 

सुनियोजित रणनीति बनाकर, लक्ष्य केन्द्रित प्रयास करें व हमेशा ध्यान रखें कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता।

 

आपके परिजनों व मित्रों से आपकी इस सफलता में किस प्रकार से सहायता की ?

 

माता-पिता ने हमेशा संबल बनाये रखा। विशे्षकर मेरी माता जी ने। इसके अलावा पति का सहयोग सफलता में सहायक रहा।

 

यदि आपका चयन सिविल सेवाओं के लिए नहीं हो पाता तो इसके विकल्प के रूप में आप किस क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बनाना पसन्द करते ?

 

अनुसंधान के क्षेत्र में।

 

सिविल सेवा परीक्षा में आपके ऐच्छिक विषय क्या थे तथा इनके चयन का आपका मापदंड क्या था ?

 

इतिहास एवं मानव विज्ञान। इतिहास विषय लेने का कारण सामान्य अध्ययन के एक बड़े भाग का कवर होना तथा मानव विज्ञान लेने का कारण प्राणी शास्त्र में मेरा एम.एस.सी होना।

 

क्या चयन हेतु वर्तमान परीक्षा प्रणाली उपयुक्त है ? इसमें सुधार के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे ?

 

वर्तमान परीक्षा प्रणाली उपयुक्त है, परन्तु उसे समय सीमा में होना चाहिए ताकि एक वर्ष में ही अभ्यर्थियों को नतीजा मिल जाये।

 

अपना परीक्षा परिणाम जानने से पूर्व टॉपर्स के बारे में आपके क्या विचार थे ? क्या आप अपनी सफलता के प्रति आश्वस्त थे ?

 

अपनी सफलता के प्रति आशावादी थी, तथा प्रथम दस में आने की भी उम्मीद थी।

 

आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे?

 

माता-पिता के आर्शीवाद, ईश्वर की कृपा एवं पति के सहयोग को। विशेषकर अपने चार वर्षीय पुत्र संभव को, जिसके हिस्से का समय लेकर मैंने परीक्षा की तैयारी की।

 

आपने कितने प्रयासों में यह सफलता अर्जित की? आपकी सेवा प्राथमिकताएं क्या थी?

 

तीन प्रयासों में।
प्रथम प्रयास में छत्तीसगढ़ का साक्षात्कार दिया।
द्वितीय प्रयास में नायब तहसीलदार में चयन हुआ।
तीसरे प्रयास में डिप्टी कलेक्टर में चयन।

 

परीक्षा की तैयारी व परीक्षा भवन में समय प्रबन्धन के लिए आपकी क्या नीति रही?

 

परीक्षा हेतु निरंतर अभ्यास किया एवं समय-सीमा में ही प्रत्येक प्रश्न को लिखने का प्रयास किया।

 

प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार की तैयारी के लिए आपकी क्या योजना रही है?

 

प्रारंभिक परीक्षा- प्रारंभिक परीक्षा हेतु संपूर्ण पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन किया। सामान्य अध्ययन के लिए निरंतर न्यूज पेपर, स्तरीय पत्रिकाओं का अध्ययन किया तथा ११वीं, १२वीं स्तर की सभी विषयों की N.C.E.R.T. पुस्तकों का अध्ययन किया।

मुख्य परीक्षा- विश्लेषणात्मक अध्ययन किया तथा पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों का अभ्यास किया।

साक्षात्कार- छद्म साक्षात्कार के द्वारा अभ्यास किया तथा Current Affairs पर विशेष ध्यान दिया। विशेषकर भारत के पड़ोसी राज्यों से संबंध तथा भारत की नई आर्थिक नीतियों के Aspects.

 

आपके विचार में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में न्यूनतम कितना समय चाहिए तथा तैयारी किस स्तर से प्रारम्भ करनी चाहिए?

 

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कक्षा दस से ही आरंभ कर देना चाहिए।

 

सिविल सेवा परीक्षाओं में माध्यम का क्या महत्व है?

 

जिस माध्यम में अपने विचार प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत कर सकें वहीं उचित है।

 

कृपया उस पाठ्‌य सामग्री का सूचीबद्ध करे जिसका प्रयोग आपने इस परीक्षा की तैयारी के दौरान किया?

 

इतिहास- झा एवं श्रीमाली, के.सी. श्रीवास्तव।
मध्यकालीन भारत- ए.एल. श्रीवास्तव, हरिश्चन्द्र वर्मा,
आधुनिक इतिहास- विपिन चन्द्र यशपाल एवं ग्रोवर।
विश्व इतिहास- जैन माथुर,
मानव विज्ञान- शारीरिक मानव विज्ञान-झा-बरनवाल, दास
अन्य- शर्मा व शर्मा नदीम हसनैन, शर्मा एवं गुप्ता आदि।

 

आपके विचार में सिविल परीक्षाओं के लिए रणनीतिक तौर पर नियमित स्वमूल्यांकन का क्या महत्व है?

 

नियमित स्वमूल्यांकन से वास्तविक तैयारी की जानकारी होती है एवं परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी सहज रह पाता है।

 

सिविल सेवा परीक्षाओं के स्वमूल्यांकन व संवाद के प्लेटफार्म के रूप में www.nceiindia.com को आप किस रूप में देखते ह?

 

www.nceiindia.com निश्चित रूप से अभ्यर्थियों की सफलता का एक महत्वूपर्ण साधन होगा।

 

www.nceiindia.com की अवधारणा के विषय में आपके क्या विचार है ?

 

इससे प्रतियोगी न केवल चयनित अभ्यर्थियों से अपने डाउट्स क्लियर कर सकेंगे वरन् उनकी रणनीति, समय-प्रबंधन आदि को अपनाकर सफल हो सकेंगे।

 

हिन्दी माध्यम में ऑनलाइन मूल्यांकन सुविधा की उपलब्धता का इस परीक्षा के प्रतियोगियों के लिए क्या महत्व है?

 

इस सुविधा की उपलब्धता से स्वमूल्यांकन द्वारा अपनी कमियों को परीक्षा के पूर्व ही सुधारने का अवसर मिलेगा, जिससे परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।

 

www.nceiindia.com को प्रतियोगियो के लिए अधिक उपयोगी बनाने के लिए अपने सुझाव दें।

 

किसी भी विषय की जानकारी के साथ वर्तमान में उससे संबंधित क्या अनुसंधान, नीतियॉं, शासकीय प्रयास हो रहे हैं, उसकी जानकारी अवश्य दें।

 

धन्यवाद सफल व प्रतिष्ठापूर्ण जीवन के लिए हमारी शुभकामनाएं।

 

जी धन्यवाद।

 
नाम

निधि सिंह राजपूत

पिता का नाम

डॉ. विनय सिंह यदु

माता का नाम

डॉ. श्रीमती वीना यदु

शैक्षिक योग्यताएं १. बी.एस.सी.- प्रथम श्रेणी
२. एम.एस.सी. प्राणी शास्त्र प्रथम श्रेणी
पूर्व चयन नायब तहसीलदार
सबल पक्ष दृढ़ निश्चयी, सकारात्मक दृद्गिटकोण
निर्बल पक्ष अत्यधिक संवेदनशील
अभिरुचियां रीडिंग विशेषकर कहानियॉं एवं उपन्यास पढ़ना, पेटिंग करना
 

 

 

 

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