MR. VIRENDRA SINGH
(PCS)

 

 

 

 

 

 

आपकी सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

 

धन्यवाद।

 

सिविल सेवा परीक्षा में आपकी सफलता का रहस्य क्या है?

 

प्रतिकूल परिस्थितियाँ।

 

इस परीक्षा की गहन तैयारी के लिए आपके विचार में कितने समय की आवश्यकता है ?

 

दो वर्ष

 

साक्षात्कार बोर्ड के बारे में आपके क्या विचार है ?

 

साक्षात्कार वोर्ड मे काफी अनुभवी सज्जन होते है जो प्रत्येक अभ्यर्थी में से उसका सर्वोत्तम जानने की क्षमता रखते है। मैने साक्षात्कार मे काफी अच्छे १५८/२०० प्राप्त किये हैं जिसका कारण मेरी नैसर्गिक प्रतिभावो को साक्षात्कार बोर्ड द्वारा पहचान लेना ही है।

 

भावी अभ्यर्थियों के लिए आप क्या सलाह वह संदेश देना चाहेंगे ?

 

यह परीक्षा सतत् परिश्रम तथा दृढ निश्चय चाहती है। अतः आरम्भिक असफलताओ से निराश न होते हुए सतत् परिश्रम जारी रखे।

 

सिविल सेवाओं को अपना कैरिअर बनाने की प्रेरणा आपको कहॉं से मिली ? क्या आपको जीवन की कोई उल्लेखनीय घटना याद है जिसने सिविल सेवा को कैरिअर के रूप में अपनाने के लिए आपको प्रेरित किया हो ?

 

सिविल सेवा मे आने की प्रेरणा मुझे अपने बडे भाई से मिली, जो पहले से ही प्रशासनिक सेवाओं मे कार्यरत है। समाज को बेहतर बनाने के लिए उनके द्वारा किये गये प्रयासो व सतत् लगन को देखते हुए इन सेवाओं मे मुझे आने की प्रेरणा मिली।

 

आपके परिजनों व मित्रों से आपकी इस सफलता में किस प्रकार से सहायता की ?

 

अपनी मॉं श्रीमती स्वः उर्मिला यादव की पहली अभिलाशा व परिजनों का अर्शीवाद व प्रेम तथा मित्रो का सहयोग इस सफलता में सहायक बने।

 

यदि आपका चयन सिविल सेवाओं के लिए नहीं हो पाता तो इसके विकल्प के रूप में आप किस क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बनाना पसन्द करते ?

 

मै पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र मे कार्य कर रहा था और असफल होने की दशा मे अपना कैरियर इसी क्षेत्र मे बनाता।

 

आप इस सफलता को किस रूप में देखते हैं ?

 

मै इसको ईश्वर की अमूल्य देन तथा परिजनो के आर्शीवाद के प्रतिफल के रूप मे देखता हूँ।

 

सिविल सेवा परीक्षा में आपके ऐच्छिक विषय क्या थे तथा इनके चयन का आपका मापदंड क्या था ?

 

१. इतिहास २. मानव विज्ञान

 

क्या चयन हेतु वर्तमान परीक्षा प्रणाली उपयुक्त है ? इसमें सुधार के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे ?

 

बिल्कुल उपयुक्त है। स्केलिग पद्धति को और अधिक साइंटीफिक बनाया जाए।

 

क्या आप सोचते हैं कि सिविल सेवा परीक्षाओं में बैठने के अवसरों की संख्या पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए ?

 

ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिये कुछ अधिक अवसर दिये जाने चाहिए। अवसर की संख्या नियत, करना पूर्णतः उचित है।

 

अपना परीक्षा परिणाम जानने से पूर्व टॉपर्स के बारे में आपके क्या विचार थे ? क्या आप अपनी सफलता के प्रति आश्वस्थ थे ?

 

टॉपर्स के बारे में मेरा कोई विशेष विचार नही था, मै तो सिर्फ यह जानता था कि कोई भी व्यक्ति अपने अध्ययन के प्रति पूर्ण निष्ठा एव ईमानदारी से समर्पित होकर टॉपर बन सकता है।

 

आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे।

 

बडे भाई श्री राजेश कुमार, अपर नगर आयुक्त, आगरा से मिली प्रेरणा, मार्गदर्च्चन, सतत्‌ आर्शीवाद व सहयोग ।

 

आपने कितने प्रयासों में यह सफलता अर्जित की। आपकी सेवा प्राथमिकताएँ क्या थी ?

 

उ. प्र. पी. सी. एस. २००२ में भी मेरा चयन हुआ था । इस बार डिप्टी. एस. पी. मेरी प्राथमिकता थी।

 

परीक्षा की तैयारी व परीक्षा भवन में समय प्रबन्धन के लिए आपकी क्या नीति रही ?

 

मैने इस बार परीक्षा पूर्व कोई खास रणनीति नही वनायी थी। लेकिन परीक्षा भवन समय प्रबधन पर विशेष ध्यान दिया। प्रत्येक प्रश्न को समान समय दिया।

 

प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार की तैयारी के लिए आपकी क्या योजना रही है ?

 

प्रारम्भिक परीक्षा- के लिए विस्तृत एव गहन अध्ययन पर जोर दिया ।
मुख्य परीक्षा- अवधारणात्मक स्पष्टता पर विशेष जोर दिया। उत्तरों की गुणवत्ता मे सुधार पर ध्यान दिया।
साक्षात्कार- समसामयिक घटनाओ पर पैनी नजर रखी मित्रो के साथ सामूहिक परामर्श किया। पिछले अनुभवो का ध्यान मे रखकर रणनीति बनायी।

 

आपके विचार में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में न्यूनतम कितना समय चाहिए तथा तैयारी किस स्तर से प्रारम्भ करनी चाहिए ?

 

दो वर्ष। स्नातक से।

 

सिविल सेवा परीक्षाओं में माध्यम का क्या महत्व है ?

 

कोई महत्व नहीं। श्रेष्ठ अभिव्यक्ति महत्वपूर्ण है न कि माध्यम भाषा।

 

सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग के आरोपण के सन्दर्भ में आपके क्या विचार है ? क्या इसने नियमित प्रश्न अभ्यास का महत्व बढ़ा दिया है ?

 

सराहनीय प्रयास है। नियमित प्रश्च्न अभ्यास के द्वारा ही परीक्षा भवन में होने वाली भूलों को कम कर दिया जा सकता है।

 

इस परीक्षा की तैयारी के दौरान आपकी सबसे बडी भूल क्या थी ?

 

लिखित अभ्यास न कर पाना ।

 

आपके विचार में सिविल परीक्षाओं के लिए रणनीतिक तौर पर नियमित स्वमूल्यांकन का क्या महत्व है ?

 

अधिकांश छात्र अध्ययन में ही सारा समय लगा देते है जबकि नियमित स्वमूल्यांकन तैयारी की सही दिशा बनाये रखने के लिए अपरिहार्य है।

 

सिविल सेवा परीक्षाओं के स्वमूल्यांकन व संवाद के प्लेटफार्म के रूप में www.nceiindia.com को आप किस रूप में देखते हैं ?

 

यह वेबसाइट सिविल सेवा परीक्षाओ की तैयारी के लिये एक क्रान्तिकारी कदम है। इसने छात्र  विशेषज्ञ और छात्र  छात्र के बीच की दूरी को समाप्त कर दिया है।

 

हिन्दी माध्यम में ऑनलाइन मूल्यांकन सुविधा की उपलब्धता का इस परीक्षा के प्रतियोगियों के लिए क्या महत्व है ?

 

इसके हिन्दी माध्यम मे उपलब्ध होने से हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढावा मिला है।

 

www.nceiindia.com को प्रतियोगियो के लिए अधिक उपयोगी बनाने के लिए अपने सुझाव दें ?

 

छात्र एवं सफल परीक्षार्थियों के बीच संवादहीनता को कम करने के लिए यह वेबसाइट एक उपयोगी माध्यम बन सकती है। प्रचार प्रसार के माध्यम से इस वेबसाइट को अधिक से अधिक लोगों के बीच पहुचाया जाये, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सके।

 

धन्यवाद सफल व प्रतिष्ठापूर्ण जीवन के लिए हमारी शुभकामनाएँ।

 

जी, बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

 

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